फर्जी IPS की पोल खुली: वर्दी पर तीन स्टार, सिर पर टोपी… निकला पत्नी का हत्यारा
राजस्थान के सीकर जिले में पुलिस ने एक फर्जी पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जो राजस्थान पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को IPS अफसर बताने का नाटक कर रहा था। उसकी वर्दी पर तीन स्टार लगे थे, सिर पर ‘IPS’ लिखी टोपी थी और पैरों में लाल जूते थे। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वह सिर्फ फर्जी अधिकारी ही नहीं, बल्कि अपनी पत्नी की हत्या का आरोपी भी है।
कैसे हुआ खुलासा?
जीणमाता थानाधिकारी दलीप सिंह को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस की वर्दी में धार्मिक स्थलों पर घूम रहा है। उसकी गतिविधियों पर पुलिस पहले से नजर रखे हुए थी।
👉 पुलिस ने उदयपुरा बस स्टैंड पर दबिश दी और आरोपी को पकड़ लिया।
👉 पूछताछ में उसने खुद को सीकर कोतवाली में पोस्टेड पुलिसकर्मी बताया।
👉 जब थानाधिकारी ने असली थाना प्रभारी का नाम लिया, तो वह घबरा गया और झूठ पकड़ में आ गया।
👉 सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि वह पुलिस में नहीं है और सिर्फ धोखाधड़ी के लिए वर्दी पहनता था।
VIP ट्रीटमेंट और ठगी का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी धार्मिक स्थलों और सरकारी दफ्तरों में जाकर VIP ट्रीटमेंट लेता था। वह पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से धोखाधड़ी करता था और अपनी पहुंच का झूठा रौब जमाता था।
🔹 जयपुर में 5 लाख की ठगी – मनोज आसीवाल से लोन क्लियर कराने के नाम पर पैसे लिए और गायब हो गया।
🔹 सीकर में 1 लाख की ठगी – खुद को बैंक कर्मी बताकर व्यक्ति से रकम ऐंठी।
🔹 भीलवाड़ा में 18 हजार के मोबाइल की ठगी – शाहपुरा थाने का इंस्पेक्टर बनकर मोबाइल लिया और पैसे नहीं दिए।
🔹 फर्जी IPS की वजह से आम लोगों में खौफ – आरोपी पुलिसिया धौंस दिखाकर लोगों से उगाही करता था और प्रभावशाली लोगों से फ्री में सुविधाएं लेता था।
पत्नी की हत्या का आरोपी भी निकला
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपी सुरेश चौधरी पर अपनी पत्नी की हत्या का भी आरोप है।
📌 2020 में जयपुर के फागी थाना क्षेत्र में उसकी पत्नी सुनीता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
📌 मृतका के भाई ने सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
📌 पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गया।
📌 जमानत पर छूटने के बाद उसने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर अपराध करना शुरू कर दिया।
अभी और खुल सकते हैं राज!
सीकर पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि उसने और किन शहरों में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उसने किसी गैंग के साथ मिलकर ठगी की थी या फिर अकेले ही यह अपराध कर रहा था।
अब तक की सबसे बड़ी ठगी या और भी राज़ बाकी हैं?
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को शक है कि उसके पास फर्जी दस्तावेज, पुलिस यूनिफॉर्म और अन्य ठगी से जुड़े सबूत मिल सकते हैं। पुलिस जल्द ही उसके ठिकानों पर छापेमारी करने वाली है।
क्या ऐसा कोई और फर्जी पुलिसवाला भी घूम रहा है?
आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दें। ऐसे ठग पुलिस की छवि खराब करने के साथ-साथ मासूम लोगों को ठगने का काम करते हैं।
👉 आपका क्या कहना है? ऐसे फर्जी पुलिस अधिकारियों को पकड़ने के लिए क्या सख्त कदम उठाने चाहिए?