हाथरस भगदड़: 121 मौतें, जांच पर उठे सवाल और पीड़ितों की मांग
हाथरस, 11 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में हुए दर्दनाक भगदड़ कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों घायल हुए। यह भगदड़ एक धार्मिक सत्संग के दौरान हुई, जहां भारी भीड़ जुटी थी। हादसे के बाद से ही प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं, खासतौर पर सत्संग आयोजक सूरजपाल (बोले बाबा) को क्लीन चिट दिए जाने पर।
पीड़ितों की मांग: बाबा को मिले सजा
घटना के बाद कई पीड़ितों और मृतकों के परिजनों ने बाबा सूरजपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बुलाने के बावजूद आयोजकों ने उचित इंतजाम नहीं किए। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि बाबा और उनके सेवादारों की लापरवाही के कारण यह भगदड़ मची।
एक पीड़ित के परिजन ने कहा: “हमने अपनों को खो दिया और बाबा आराम से घूम रहे हैं। हमें न्याय चाहिए।”
कैसे हुई भगदड़?
- सत्संग के दौरान हजारों की भीड़ उमड़ी।
- कार्यक्रम खत्म होने के बाद लोग बाहर निकलने लगे, तभी अव्यवस्था फैल गई।
- पुलिस और आयोजकों द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
- अफवाह फैलने से भी भगदड़ बढ़ गई, जिससे लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े।
सेवादार की पत्नी का बयान: ‘हमें फंसाया गया’
इस हादसे के बाद पुलिस ने कई सेवादारों को हिरासत में लिया। एक सेवादार की पत्नी ने कहा कि उनके पति निर्दोष हैं और उन्हें बेवजह इस मामले में फंसा दिया गया है।
उन्होंने कहा: “हम गरीब लोग हैं। हमने किसी को नहीं बुलाया, हम तो बस सेवा कर रहे थे।”
प्रशासन की सफाई और जांच पर सवाल
उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने सूरजपाल (बोले बाबा) को क्लीन चिट दे दी है, जिससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।
प्रशासन की ओर से दावे:
- भगदड़ अचानक हुई, इसमें आयोजकों की कोई सीधी गलती नहीं।
- सेवादारों की भूमिका की जांच जारी है।
- पीड़ितों को मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
सवाल जो अब भी बने हुए हैं:
- क्या आयोजकों ने पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए थे?
- भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए थे?
- सूरजपाल को इतनी जल्दी क्लीन चिट क्यों दी गई?
न्याय की मांग और आगे की कार्रवाई
पीड़ित परिवार और कई सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा: “जब 121 लोग मारे गए, तो कोई जिम्मेदार क्यों नहीं? सरकार को इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए।”
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
निष्कर्ष
हाथरस भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई, लेकिन प्रशासन की ओर से दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित परिवारों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अब देखना यह है कि क्या सरकार और प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कराएंगे या यह मामला भी समय के साथ दब जाएगा।